जीवन
जीवन कितना है खुशगुवार ना पूछ
कितना सत्कार,कितनी दुत्कार ना पूछ
गुजारे जा रही हूँ या जी रही हूँ मै
मुझसे मेरे जीवन का प्रकार ना पूछ
लबों पर तबस्सुम बेलौस अंदाज
दिल में है क्या मेरे यार ना पूछ
इक टीस ले आए हम उनके गाँव से
बेकार कैसे किया हर प्रहार ना पूछ.........अन्ना...
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