सोमवार, 11 फ़रवरी 2013

वचन...




वचन जीवन श्वांस
वचन गले की फांस
सोच समझ दीजिये
वचन कोई  ख़ास...

वचन का अट्टहास
जीवन  का त्रास
दशरथ छूटी सांस
राम गए वनवास

वचन के दास
भोले भये ग्रास
भस्मासुर त्रास
विष्णू दे आस

सोच समझ दीजिये
वचन कोई ख़ास........अन्ना....

बुधवार, 6 फ़रवरी 2013

नारी गाथा...



सरल तन सरल मन
उन्मुक्त बचपन
ना कोई पर्दा
ना कोई उलझन.

अमृत का आगमन
परिवर्तन ही परिवर्तन
परदे में पर्दा
गोपनीय उलझन..

हर्षित रहे मन
उल्लसित सा तन
रहस्य रहा पर्दा
भिन्न भई उलझन..

राग का बंधन
अमृत मंथन
ध्वस्त पर्दा
सुलझी उलझन.. 

ममतापूरित मन
आँगन में बचपन
विस्मृत पर्दा
काहे की उलझन..

आनंदित मन
समक्ष जीवन धन
खेलें पर्दा पर्दा
विस्मृत उलझन

बचपन खिल यौवन
आकस्मिक अमृत गमन
शीत स्याह परदा
जीवन जटिल उलझन..

उदास मन
निढाल तन
खोज रहा पर्दा
धिक् जीवन उलझन..

श्रद्धा उपजत मन
व्यस्त मनन चिन्तन
सत्य बेपर्दा
भ्रम जीवन उलझन.........अन्ना..... 

गुरुवार, 24 जनवरी 2013

प्रतिलोम...


प्रतिलोम था सम्मुख
प्रणयनिवेदितमय मुख

पूरक संभव कदाचित
रिक्ति विरक्ति प्रस्तुत 

आत्मश्लाघावश तना
मर्म निरुपाय बना

गहन गहनि  गहता
गरल पान करता

तन मन विपरीत
प्राण अनुपद अनुरत
                         
                                    ....अन्ना..

गहनि=हठ  
                                                       

सोमवार, 14 जनवरी 2013

आई




क्या तन जाई 
क्या मन जाई
रोके कब रुक पाई
सूना पथ आँखें पथराई
खबर ना कोई आई
पराई हुई पराई
खाली दामन आई.......अन्ना....१४ जनवरी.२०१३.

शुक्रवार, 4 जनवरी 2013

किरचें



खाईयां दरारें सब पाट देती 
टूटी किरचों में अक्स उभारू कैसे......अन्ना...