भरा घट रीता कैसे
कथा ना पूछ
इक नम्र निवेदन
इक जीव संवेदन
याचना अरु याचना
दान अरु दान
नद मद बढ़ता गया
घट रीतता गया
उत्ताल तरंगें
विकराल तरंगें
खाली घट
भारहीन घट
वैतरनी पार कर गया......... अन्ना.......
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